स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध | Swachh Bharat Abhiyan Essay in Hindi

By | November 6, 2017

स्वच्छ भारत अभियान माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाया गया भारत सरकार का एक सफाई अभियान है। यह एक महत्वपूर्ण विषय है और हमारे बच्चों और छात्रों को इसकी जानकारी होना आवश्यक है। यह एक सामान्य ज्ञान का विषय है और आम तौर पर छात्रों को स्कूलों में इसके बारे में लिखने को दिया जाता है। आज हम इस विषय पर निबंध प्रदान कर रहे हैं जो आपके बच्चों व छात्रों को निबंध प्रतियोगिता में भाग लेने व उसे जितने में मदद करेगा।

स्वच्छ भारत अभियान क्या है?

भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने महात्मा गाँधी जी की जयंती 2 अक्टूबर 2014 के उपलक्ष में स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की थी। स्वच्छ भारत अभियान को क्लीन इंडिया मिशन (Clean India Mission) या क्लीन इंडिया ड्राइव या स्वच्छ भारत अभियान भी कहा जाता है। यह एक राष्ट्रीय स्तर का अभियान है, जो भारत सरकार द्वारा सभी पिछड़े संवैधानिक कस्बों को साफ करने के लिए चलाया जा रहा है।

इस अभियान में शौचालयों का निर्माण करवाना, ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता कार्यक्रमों को बढ़ावा देना, सड़कों की सफाई करना और देश का नेतृत्व करने के लिए देश के बुनियादी ढांचे को बदलना शामिल है। यह अभियान आधिकारिक तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 2 अक्टूबर 2014 में महात्मा गांधी की 145वीं जयंती पर राजघाट, नई दिल्ली से शुरू किया था।

स्वच्छ भारत अभियान से जुड़े मुख्य नाम

स्वच्छ भारत अभियान में योगदान देने के लिए सर्वप्रथम मोदीजी ने 9 लोगों को इसमें शामिल किया। ये 9 लोग हैं मृदुला सिन्हा, सचिन तेंदुलकर, बाबा रामदेव, शशि थरूर, अनिल अम्बानी, कमल हसन, सलमान खान, प्रियंका चोपड़ा और तारक मेहता का उल्टा चश्मा की टीम हैं। मोदीजी ने इन 9 लोगों को अन्य 9 लोगों को शामिल करने की बात कही। इस प्रकार एक श्रृखला बनाने को कहा ताकि स्वच्छ भारत अभियान जल्द से जल्द पूरी हो जाए।

स्वच्छ भारत अभियान को सहयोग करने कई और भी लोग आगे आए हैं जिनमे अमिताभ बच्चन, आमिर खान, कपिल शर्मा, वी वी एस लक्ष्मण, सौरभ गांगुली, किरण बेदी, रामोजी राव तथा सभी राज्यों के मुख्या मंत्री शामिल हैं।

मोदीजी ने स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने के लिए कई सारी प्रतियोगिताएं का आयोजन भी किया। इन प्रतियोगिताओं में महाराष्ट्र से अनंत और गुजरात से भाग्यश्री विजेता रहे। मोदीजी ने खुद भी इन प्रतियोगियों में थोड़ी दूर तक चले।

इस स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत अभियान को “एक कदम स्वच्छता की ओर” नारा दिया गया हे।

स्वच्छ भारत अभियान के उद्देश्य

स्वच्छ भारत अभियान के उद्देश्य व दिशा निर्देश हैं:

  1. हर किसी को शौचालय की सुविधा उपलब्ध करा के खुले में शौच को पूरी तरह खत्म करना है।
  2. बेकार के शौचालयों को फ्लशिंग शौचालय से परिवर्तित करना है।
  3. मैन्युअल स्केवेंजिंग सिस्टम को समाप्त करना है।
  4. गली मोहल्ले को साफ़ रखना है, ग्राम पंचायत के माध्यम से सभी ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा।
  5. साल २०१९ तक सभी परिवारों में पानी की आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए गाँव में पाइप लाइन्स लगाया जाएगा।
  6. उचित स्वछता उपयोग के लिए सार्वोजनिक जागरुकता, इस मिशन का उद्देश्य लोगों के रवैये, मनोभावना और विचारों को बदलना है।
  7. सभी बर्बाद चीजें वेज्ञानिक प्रक्रियाओं द्वारा ठोस अपशिष्टों के रीसाइक्लिंग के माध्यम से पुन: उपयोग लायक बनाना है।
  8. ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधर लाना जरुरी है इसीलिए ये स्वस्थ्य शिक्षा जैसे जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समुदायों और पंचायातीं राज संस्थानों से प्रेरित करके स्थायी स्वछता को लाने के लिए किया गया है।
  9. ये भारत को एक स्वच्छ, सुंदर और विकसित देश बनाने का उद्देश्य रखता है।

शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ भारत अभियान

शहरी क्षेत्रों के स्वच्छ भारत मिशन का लक्ष्य लगभग 104 करोड़ परिवारों को और 26 लाख सार्वजनिक शौचालय और साथ ही साथ 25 लाख समुदाय शौचालयों को प्रत्येक शहर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के साथ उपलब्ध कराने का है।

आवासीय क्षेत्रों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण करने की योजना बनाई गई है जहां व्यक्तिगत घरों के शौचालयों की उपलब्धता मुश्किल है बस स्टेशनों, पर्यटन स्थल, रेलवे स्टेशन, बाजार आदि सहित निर्दिष्ट स्थानों पर सार्वजनिक शौचालय बनाये जा रहे हैं।

शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता कार्यक्रम में लगभग 4,401 कस्बों को 2019 तक पांच वर्षों में पूरा करने की योजना बनाई गई है। कार्यक्रमों की लागत ठोस कचरा प्रबंधन पर 7,366 करोड़ रुपये, सार्वजनिक जागरूकता पर 1,828 करोड़, सामुदायिक शौचालयों पर 655 करोड़ रुपये, व्यक्तिगत घरेलू शौचालयों पर 4,165 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गयी है।

कार्यक्रम जिन्हें पूरा करने के लिए लक्षित किया गया है, वह हैं खुले में शौचालय को पूरी तरह से हटाना, गंदे शौचालयों को फ्लश शौचालयों में परिवर्तित करना, मैनुअल स्विन्गिंग को समाप्त करना, सार्वजनिक रूप से व्यवहारिक परिवर्तन लाने, और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन लाना आदि।

ग्रामीण स्वच्छ भारत मिशन

ग्रामीण स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता कार्यक्रमों को लागू करने वाला मिशन है। इससे पहले निर्मल भारत अभियान (जिसे कुल स्वच्छता अभियान भी कहा जाता है, टीएससी) 1999 में भारत सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों को साफ करने के लिए स्थापित किया था, लेकिन अब इसे स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) में पुनर्गठन किया गया है।

इस अभियान का लक्ष्य है कि 2019 तक ग्रामीण क्षेत्रों को खुले शौचालय से मुक्त किया जा सके, जिसके लिए देश में 11 करोड़ 11 लाख शौचालयों के निर्माण के लिए लगभग एक लाख तीस हजार करोड़ रूपए लागत अनुमान लगाया गया। यह कचरे को जैव उर्वरक और उपयोगी ऊर्जा रूपों में परिवर्तित करने की एक बड़ी योजना है। इस अभियान में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद की भागीदारी भी शामिल है।

ग्रामीण स्वच्छ भारत मिशन का उद्देश्य हैं

ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना। 2019 तक स्वच्छ भारत को पूरा करने के लिए और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए लोगों को प्रेरित करना। आवश्यक टिकाऊ स्वच्छता सुविधाओं को उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय कार्यरत निकायों (जैसे कि समुदायों, पंचायती राज संस्थानों आदि) को प्रेरित करना।

ग्रामीण इलाकों में ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करने के लिए समुदाय द्वारा अग्रिम पर्यावरणीय स्वच्छता प्रणालियों का प्रबंध करना। ग्रामीण क्षेत्रों में पारिस्थितिक रूप से सुरक्षित और स्थायी स्वच्छता को बढ़ावा देना।

स्वच्छ भारत-स्वच्छ विद्यालय अभियान

स्वच्छ भारत स्वास्थ्य विद्यालय अभियान केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा चलाया जाता है, जिसमें स्कूलों में स्वच्छता मुख्य उद्देश्य हैं। इसके तहत एक बड़ा कार्यक्रम 25 सितंबर 2014 से 31 अक्टूबर 2014 तक केन्द्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालय संघों में आयोजित किया गया था, जहां कई स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की गईं, जैसे छात्रों द्वारा स्कूल विधानसभा में विभिन्न सफाई पहलुओं पर चर्चा, स्वच्छता और स्वच्छता के विषयों पर महात्मा गाँधी की शिक्षाएं पुस्तकालयों, प्रयोगशालाओं, रसोई शेड स्टोर, खेल के मैदानों, उद्यान, शौचालयों, पेंट्री क्षेत्रों, आदि में स्वच्छता और स्वच्छता के विषयों से संबंधित, स्कूल क्षेत्र में सफाई पर योगदान पर भाषण स्वच्छता और स्वच्छता पर अन्य कई गतिविधियों सहित स्वच्छ लोगों से संबंधित निबंध लेखन, प्रतियोगिता, बहस, कला, पेंटिंग, फिल्म, शो, भूमिका, को शामिल किया गया है।

सप्ताह में दो बार विद्यालयों में आधे घंटे की सफाई अभियान आयोजित करने की योजना बनाई गई है, जिसमें शिक्षकों, छात्रों, माता-पिता और सामुदायिक सदस्यों द्वारा सफाई गतिविधियों को शामिल किया गया है।

स्वच्छ भारत उपकर: भारत में सभी सेवाओं पर 5% स्वच्छ भारत उपकर है। यह स्वच्छ भारत अभियान के लिए प्रत्येक भारतीय नागरिक से कुछ फंड एकत्र करने के लिए वित्त मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया था ताकि इसे सफल अभियान बनाया जा सके। प्रत्येक व्यक्ति को इस स्वच्छता अभियान के लिए प्रत्येक 100 रुपये के लिए अतिरिक्त 50 पैसे सेवा कर देना होगा।

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