बड़ा खुलासा: पुलिस भर्ती परीक्षा में बड़े रैकेट का पर्दाफाश, 1.5 करोड़ की हुई थी डील

बिहार पुलिस परीक्षा में हुए फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। खुलासे में पता चला है कि इसके लिए बड़ी डील की गई थी, जिसमें 1.5 करोड़ की बोली लगी थी।

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बड़ा खुलासा पुलिस भर्ती परीक्षा में बड़े रैकेट का पर्दाफाश, 1.5 करोड़ की हुई थी डील

पुलिस भर्ती परीक्षा में पास कराने के नाम पर एक बड़े गिरोह के द्वारा अभ्यर्थियों से 1.5 करोड़ की डील की गई थी। इस मामले का खुलासा होते ही पुलिस हरकत में आई और सोनपुर के रामलीला मैदान से छह सेटरों की गिरफ्तारी के बाद विभिन्न जिलों से तीस अभ्यर्थियों को परीक्षा हॉल से पुलिस ने दबोच लिया।

इस गिरोह के हाईटेक तरीके से पुलिस भी दंग रह गई। ब्लू-टूथ डिवाइस के साथ वाट्सअप का भी परीक्षा में सहारा लिया जाने वाला था। लेकिन पुलिस की तत्परता से सेटर एवं सभी संलिप्त अभ्यर्थी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। गिरफ्तार गिरोह के सदस्यों के पास से 30 अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड की फोटो कॉपी एवं उनके सर्टिफिकेट बरामद किए गए।

प्रेस वार्ता के दौरान सोमवार को पुलिस कप्तान हर किशोर राय ने बताया कि सोनपुर थाना क्षेत्र के रामलीला मैदान में शनिवार की देर शाम अपराधियों के जमा होने की सूचना पर पुलिस ने वहां रेड की तो वहां से स्थानीय थाना क्षेत्र के बरबट्टा निवासी देवनाथ राय के साथ छह लोगों को गिरफ्तार किया गया।

उनके पास से पुलिस ने 30 अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड के फोटो कापी एवं अभ्यर्थियों के सर्टिफिकेट बरामद किया। पूछताछ के क्रम में सिपाही भर्ती परीक्षा के बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया गया। उन्होने बताया कि पूछताछ के क्रम में देवनाथ राय ने अपनी संलिप्तता स्वीकारते हुए बताया कि उसके द्वारा ब्लू-टूथ डिवाइस एवं वाट्सएप के माध्यम से उन तीसों अभ्यर्थियों को प्रश्न-पत्र आउट कर उन्हे उत्तर उपलब्ध कराया जाता है। जिसके बदले में प्रत्येक अभ्यर्थी से 5-5 लाख का सौदा किया गया था ।

एडवांस के तौर पर वह उनसे 20 हजार रुपये एडवांस लेता है। इस रैकेट का तार विभिन्न जिला तक फैला हुआ है। उसकी निशानदेही पर रविवार को सिपाही भर्ती परीक्षा हाल से 30 अभ्यर्थियों को विभिन्न जिला से गिरफ्तार किया गया।
इस दौरान पुलिस ने शहर के चांदमारी रोड स्थित सीपीएस सकूल के परीक्षा हॉल से एक अभ्यर्थी मनीष कुमार को ब्लू-टूथ डिवाइस के साथ गिरफ्तार किया जिसने अपने गंजी में डिवाइस को छुपा कर लाया था। रैकेट के भंडाफोड़ होने के बाद सभी के पास से एक ब्लूटूथ डिवाइस, 30 अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड का फोटो कॉपी, 24 मोबाइल एवं सभी अभ्यर्थियों के सर्टिफिकेट बरामद किए गए है।

पुलिस इस गिरोह के मुख्य सरगना को गिरफ्तार करने के लिए पटना में छापेमारी कर रही है। सभी गिरफ्तार अभ्यर्थी सारण जिला के ही रहने वाले हैं।

कुछ ऐसे कराते थे सेटिंग

सिपाही भर्ती की परीक्षा पास कराने के लिए परीक्षा से एक घंटा पहले प्रश्नों के उत्तर व्हाटसअप पर उपलब्ध कराते थे। इसके अलावा परीक्षा हाल के अंदर नकल करने के लिए ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से उत्तर लिखवाते थे।

गिरफ्तार परीक्षार्थियों के पास से बरामद मोबाइल फोन के वाट्सअप पर सिपाही भर्ती परीक्षा के प्रश्नों के उत्तर पाए गए हैं जिसकी वास्तविकता की जांच की जा रही है । इसके लिए सभी परीक्षार्थियों से अग्रिम के रूप में 20 से 50 हजार रुपये तक सेङ्क्षटग करने वालों ने लिया हैं। बाकि राशि बाद में देनी हैं।

ब्लूटूथ डिवाइस लगा गंजी के साथ परीक्षार्थी गिरफ्तार

पुलिस ने परीक्षा के दिन जानकारी मिलने के बाद सुबह से ही सेटरों तथा परीक्षार्थियों के खिलाफ मुहिम शुरू कर दी थी। इस दौरान छपरा के चांदमारी रोड स्थित सीपीएस केंद्र से एक परीक्षार्थी को गिरफ्तार किया गया जो ब्लूटूथ लगा हुआ गंजी पहना था और कान में भी ब्लूटूथ लगा हुआ था। गिरफ्तार सेटरों की निशानदेही पर ही ब्लूटूथ लगा हुआ गंजी पहने हुए परीक्षार्थी को पुलिस ने गिरफ्तार किया। गिरफ्तार परीक्षार्थी मनीष कुमार है जो सोनपुर का रहने वाला है।

दूसरे के बदले परीक्षा देते मुन्ना भाई धराया

शहर के राजेंद्र कॉलेजिएट परीक्षा केन्द्र से एक मुन्ना भाई को गिरफ्तार किया गया । मोतिहारी जिले के चिरैया थाना क्षेत्र के निवासी प्रसुन्न कुमार ङ्क्षसह दूसरे के बदले परीक्षा दे रहा था। वह सोनपुर निवासी राजीव कुमार गौतम के बदले परीक्षा देते हुए गिरफ्तार किया गया।

उसने अपने अंगूठे पर फिंगर प्रिंट प्लास्टिक चिपकाया था, जिसपर उसी के अंगूठे का निशान बता रहा था। और एक फर्जी आधार कार्ड बरामद किया गया, जिस पर राजीव कुमार ङ्क्षसह का नाम पता था लेकिन फोटो प्रसुन्न कुमार सिंह का लगा था ।

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