एमपीपीसीएस: क्या एमपी में व्यापमं पार्ट टू शुरू हो चुका है

By | October 4, 2017

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा दी गई सफाई पर यदि यकीन किया जाए तो मध्य प्रदेश लोकसेवा आयोग की मुख्य परीक्षा में जैन समुदाय के 17 प्रतिभागियों का उत्तीर्ण होना संयोग मात्र है. सरकार ने परीक्षा में आयोग अधिकारियों के हस्तक्षेप की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया है. बड़ी संख्या में जैन समुदाय के लोगों के परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद आरोप यह लगाया जा रहा है कि लोकसेवा आयोग की परीक्षा व्यापमं की तर्ज पर हुई है.

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जैन समुदाय के दो अधिकारियों के आयोग में परीक्षा नियंत्रक के पद पर पदस्थ होने के कारण आरोप को बल मिल रहा है. ये अधिकारी मदनलाल गोखरू (जैन) और दिनेश जैन हैं. मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले प्रतिभागियों का प्रारंभिक परीक्षा केन्द्र आगर, मालवा में था. आयोग द्वारा जारी किए गए परीक्षा परिणाम में इन सत्रह छात्रों के नाम रोल नंबर के अनुसार एक क्रम में हैं. समुदाय विशेष के प्रतिभागियों के रोल नंबर एक क्रम होने के कारण इसे महज संयोग नहीं कहा जा रहा है.

विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता अजय सिंह ने पूरे मामले जांच सीबीआई से कराने की मांग की है. पूर्व केन्द्रीय मंत्री सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट कर कहा कि सरकार के नुमाइंदों ने फिर एक भ्रष्ट खेल को अंजाम दिया है. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. जवाब में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि साक्ष्य होंगे तक सरकार कार्यवाही भी करेगी. मुख्यमंत्री आयोग की परीक्षा प्रणाली को देश की सबसे बेहतर परीक्षा प्रणाली बताया है.



आगर मालवा केन्द्र के कुल 47 अभ्यार्थी पास, इनमें 29 जैन

आयोग के अनुसार प्रारंभिक परीक्षा केन्द्र समस्त 51 जिला मुख्यालय में बनाए जाते हैं. आगर मालवा शहर में दो केन्द्र बनाए गए थे. पहला शासकीय नेहरू पीजी महाविद्यालय, आगर मालवा दूसरा एक्सीलेंस हायर सेकेंड्री स्कूल, आगर मालवा. दोनों परीक्षा केन्द्रों पर कुल 624 अभ्यर्थी थे.

इन कुल 624 अभ्यर्थियों में से 58 जैन समुदाय के अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा में उपस्थित थे, जिसमें से 29 अभ्यर्थी पास हुए और 29 अभ्यर्थी फेल हुए. आगर मालवा से कुल 47 अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा में पास हुए. प्रारंभिक परीक्षा में पास 47 अभ्यर्थियों में से मुख्य परीक्षा में कुल 23 अभ्यर्थी पास हुए हैं. इनमें से 18 जैन सरनेम के हैं. प्रदेश में मुख्य परीक्षा में 1528 अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए हैं, जिनमें 60 जैन सरनेम के अभ्यर्थी हैं.

आयोग ने अपने समुदाय विशेष के अधिकारियों का बचाव करते हुए कहा कि प्रारंभिक परीक्षा के संचालन के समय परीक्षा नियंत्रक श्री आर.आर. कान्हेरे पदस्थ थे. उस समय श्री मदनलाल जैन (गोखरू) उप नियंत्रक के पद पर थे. उनका परीक्षा संचालन से सीधा कोई संबंध नहीं था. अन्य परीक्षा नियंत्रक श्री दिनेश जैन केवल मूल्यांकन और परिणाम तैयार करने का काम कर रहे हैं. परीक्षा संचालन, केन्द्र आवंटन, रोल नंबर आवंटन आदि कार्य ये नहीं करते हैं. इसलिए इन कामों में श्री दिनेश जैन और मदनलाल जैन की कोई सीधी या अप्रत्यक्ष भूमिका नहीं रही है.



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