महाश्वेता देवी का जीवन परिचय: लेखन के बाद समाजसेवा से बटोरा नाम

By | January 14, 2018

आधुनिक भारत के महान लेखकों में से एक महाश्वेता देवी का आज 92वां जन्मदिन है। गूगल ने इनके सम्मान में Google Doodle बनाया है। उन्होंने अपना सबसे पहला उपन्यास रानी की झांसी लक्ष्मी बाई के जीवन पर लिखा था। इस उपन्यास का नाम झांसी रानी था, जो कि 1956 में प्रकाशित हुआ था।

नीचे हम उनका संक्षिप्त परिचय दे रहें हैं।

  • नाम : महाश्वेता देवी
  • पिता का नाम : मनीष घटक
  • माता का नाम : धारिणी देवी
  • जन्म : 14 जनवरी 1926
  • जन्मस्थान : ढाका (बांग्लादेश)
  • उपलब्धियां : साहित्य अकादमी पुरस्कार (1979), पद्‌मश्री (1986), ज्ञानपीठ पुरस्कार (1996), मैग्सेसे पुरस्कार (1997), पद्‌मविभूषण (2006)

प्रारंभिक जीवन

उनकी प्रारंभिक शिक्षा ढाका (बांग्लादेश) में हुई। जब भारत का विभाजन हुआ तो उनका परिवार पश्चिम बंगाल में आकर बस गया। बाद में उन्होने विश्व-भारती विश्वविद्यालय, शांतिनिकेतन से स्नातक अंग्रेजी में किया और फिर कोलकाता विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर अंग्रेजी में किया। तदुपरांत उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय में अंग्रेजी व्याख्याता के रूप में नौकरी भी की।

हिन्दी में कुछ कृतियां

(सभी बंग्ला से हिन्दी में रुपांतरण) अक्लांत कौरव, अग्निगर्भ, अमृत संचय, आदिवासी कथा, ईंट के ऊपर ईंट, उन्तीसवीं धारा का आरोपी, उम्रकैद, कृष्ण द्वादशी, ग्राम बांग्ला, घहराती घटाएँ, चोट्टि मुंडा और उसका तीर, जंगल के दावेदार, जकड़न, जली थी अग्निशिखा, झाँसी की रानी, टेरोडैक्टिल, दौलति, नटी, बनिया बहू, मर्डरर की माँ, मातृछवि, मास्टर साब, मीलू के लिए, रिपोर्टर, रिपोर्टर, श्री श्री गणेश महिमा, स्त्री पर्व, स्वाहा और हीरो-एक ब्लू प्रिंट आदि।

निधन

28 जुलाई 2016 को कोलकाता में उनका देहावसान हो गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *